Skip to main content

Posts

Showing posts with the label आँसू रिश्ते और ख्वाब

उसकी आँखों की सुर्खियाँ

उसकी आँखों की सुर्खियाँ दे रहीं हैं पता, की रात उसने भी जाग कर गुजारी होगी,, बिस्तर की सिलवटें बयाँ कर रही हैं दास्ताँ, के जुदाई की पहली रात उसपर किस क़दर भारी होगी,, अब कौन करता होगा तेरे हुस्न की तारीफ़, हमारे बाद उलझी हुयी ज़ुल्फ़ किसने संवारी होगी,, तूने अपना समझ के इक बार माँगा तो होता, जान की कसम क्या जान हमे जान से प्यारी होती,, मंजिल तो दूर न थी मगर हौसले कायम न रख सके 'रवि', शायद कहीं मैं थक गया, कहीं उसने भी हिम्मत हारी होगी..!!

आँसू रिश्ते और ख्वाब....

प्रिय मित्रों,  आँसू रिश्ते और ख्वाब,, टूटते हैं लेकिन छूटते नहीं..!! वो जो दर्द दफ़न किया था, दिल की गहरी खाइयों में,, आज फिर दिखने लगा है, मेरी ही परछाइयों में..!! एक सच जो न पिया जाता है, न उगला जाता है,, लाख रोकने के बावजूद, गले तक चला आ जाता है..!! आज फिर से ये लावा बनकर उबल रहा है,, सुनामी की लहरों की मानिंद मचल रहा है..!! फिर वही वीरान रातें आ खड़ी हैं उजाले की आस में,, फिर वैसे ही भटक रहा हूँ एक नींद की तलाश में..!! फिर ये कमीना दिल दोगला हो गया है,, प्यार बाँटते-बाँटते शायद खोखला हो गया है..!! कभी तो मीठे आश्वासनों से मुझे तसल्ली देता है,, और कभी-कभी कमबख्त सब सच उगल देता है...!! माँ, आज फिर तेरे प्यार की दरकार है,, तुझसे दो बूँद भी मिले तो स्वीकार है..!! ये तेरा प्रेम ही तो है.. जिसने हर हालात में जीना सिखा दिया, घाव कैसा भी हो, उसे सीना सिखा दिया..!! ये तेरा प्रेम ही तो है.. जिसने मेरी रूह को मुझसे मिला दिया, मेरी रूकती हुयी साँसों को फिर से चला दिया..!! जानता हूँ मजबूरी तेरी, पर यूँ न मुझपर कहर बरसा,, मुझसे चाहे बात न कर, पर प्यार के लिए और मत तरसा...!! ...