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‘‘हाथ से सिगरेट छूट गई......’’

‘‘हाथ से सिगरेट छूट गई......’’
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‘‘अठारह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तम्बाकू या तम्बाकू से बने पदार्थ बेचना दंडनीय अपराध है।’’शहर में पान की दुकानों पर यह तख़्ती लगी थी। स्कूल के छोकरे सिगरेट पीना चाह रहे थे।
‘‘ओए, जा ले आ सिगरेट।’’
‘‘मैं नहीं जाता। पान वाला नहीं देगा।’’
‘‘अबे, कह देना, पापा ने मँगाई है।’’
‘‘स्कूल में.....?’’
‘‘चलो, शाम को नुक्कड़ पर मिलेंगे।’’
‘‘ठीक है।’’
.............
‘‘भइया, एक सिगरेट का पैकेट देना। हाँ, गुटखा भी।’’
‘‘बच्चे, तुम तो बहुत छोटे हो। तुम्हें नहीं मिल सकता।’’
‘‘अंकल, मेरे पापा ने मंगवाई है। ये लो पैसे।’’
‘‘ओह! तुम तो शुक्ला साब के बेटे हो।’’
पान वाले ने सहर्ष उसे सामान दे दिया।
कुछ दिन बाद....।
‘‘राम–राम शुक्ला जी।’’
‘‘लीजिए साब। आजकल बेटे से बहुत सिगरेट मँगाने लगे हो। हर रोज शाम को आ जाता है।’’
सुनकर शुक्ला साब के हाथ से सिगरेट छूट गई......।
 

Comments

  1. इस को पढ़ के बस एक फीकी सी मुस्कराहट आई है.. आज देश का सच यही है

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  2. True.... People Don't Know... That what are they giving their children !!!

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  3. Thanx Annu Ji, And Meera Ji....
    जी हाँ ये हमारे अतुल्य भारत की तस्वीर है...

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