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रिसते हुए रिश्ते

कुछ दिनों से..... ये सोचे जा रहा हूँ,, इन रिश्तों के वास्ते, जाने क्या-क्या रहा हूँ...!! वो जब भी मर्ज़ी हुई..... तो पास आये,, उनके वास्ते मैं शायद..... कोठा रहा हूँ...!!

भाड़ में जाए "वेलेंटाइन्स-डे"

ये सोचा था.. वो टूटकर हमें चाहेंगे बहुत,,,,, लेकिन, यहाँ "सोचा भी हमने, चाहा भी हमने, और टूटे भी हम !!" इसीलिए,, "अब मैं देशप्रेम की भावना के कद्रदानों से प्यार करता हूँ,, अतः इस बार भी "मूर्खता दिवस" मनाने से इनकार करता हूँ..!!" ( ‪ मूर्खता दिवस‬ = ‪‎ Valentin's Day‬ )

Layers of My Heart

ये "भावना" है मेरी..... मैं तेरी "साधना" करूँ,, "स्वाति" की इक बूँद के लिए, सीपी सा तेरा "रिनी" रहूँ...!! ‪ By- Doc Ravi Pratap Singh

Truly Dedicated To Our Beloved U.P. Government

घर बैठे मुफ्त कमाई का, रोज़गार आ जायेगा, झूठे वादों से पटा हुआ, अखबार आ जायेगा,, रवि जी.. चोर-डाकुओं की इज़ज़त किया करो,, कल क्या पता कौन, यू पी सरकार में आ जायेगा..!!

रूठ गयी फिर मोहब्बत

रूठ गयी फिर मोहब्बत मुझसे, मेरी तन्हाई भी खफा हो गयी,, न जाने किस गुनाह ने, बनाया फिर गुनहगार मुझे, मेरी चाहत फिर बे-वफ़ा हो गयी..!! फिर दूर हो गयीं सब चाहतें मुझसे, उनकी बातें भी अब जुदा हो गयीं,, मेरी खताओं कि सज़ा मुझको दी, पर तेरी खताएं तो अदा हो गयीं..!!

DEATH Can't Separate The HEARTS

टूटे दिल कि हसरतों का, दिल में बसेरा रहेगा,, आँखें मेरी जो रोयेंगी तो, दर्द इनमें तेरा रहेगा।। कुछ इस तरह समाया है, मेरी रगों मैं प्यार तेरा,, आखरी सांस रहने तक, लबों पे नाम तेरा रहेगा।।

उसकी आँखों की सुर्खियाँ

उसकी आँखों की सुर्खियाँ दे रहीं हैं पता, की रात उसने भी जाग कर गुजारी होगी,, बिस्तर की सिलवटें बयाँ कर रही हैं दास्ताँ, के जुदाई की पहली रात उसपर किस क़दर भारी होगी,, अब कौन करता होगा तेरे हुस्न की तारीफ़, हमारे बाद उलझी हुयी ज़ुल्फ़ किसने संवारी होगी,, तूने अपना समझ के इक बार माँगा तो होता, जान की कसम क्या जान हमे जान से प्यारी होती,, मंजिल तो दूर न थी मगर हौसले कायम न रख सके 'रवि', शायद कहीं मैं थक गया, कहीं उसने भी हिम्मत हारी होगी..!!