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एक पहेली... (तीन देवियाँ मेरे TL की)

टोरंटो में रहने वाली,,
शायरी में सब कहने वाली...
सांई का साथ कभी न छोड़े,
हँस कर सब से रिश्ता जोड़े..
जीवन जिसका है सादा,,
वो है कौन..""मैडम अनुराधा"

कनेडियन छोरी गोरी गोरी,

पर लागे है सिस्टर मोरी..
DP के सब कायल हैं,
ट्विट्टर पर कई घायल हैं..
नाम है उसका very simple
वो है कौन.....""मैडम रिम्पल"

ट्विट्टर की एक हस्ती हैं,

जो दिल्ली में बसती
हैं..
ट्विट्टर पर जब आती हैं,
गाने वो गुनगुनाती हैं...
नाम बताने में उनका, करना मत त्रुटी...
वो हैं कौन....... ""मैडम श्रुति""


Comments

  1. This comment has been removed by the author.

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  2. wow!! so sweet of you ji..I am speechless..beautifully written n I loved it..keep penning down...

    Shruti....

    ReplyDelete
  3. Thanx... My Dear Shruti Ji...... All My Pleasure..:))

    ReplyDelete

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हे मनु के वंशज, तुम कब सुधरोगे?

जो छुपा ले गरीब के गम को,
हमने तो वो इंसान नहीं देखे..!!
कैसे जाती है बात घर से बाहर,
हमने तो दीवार के कान नहीं देखे..!!
मिटा दे जो सदियों की दुश्मनी दिलो से,
हमने तो वो गीता वो कुरान नहीं देखे..!!
अरे अभी भी संभल जाओ बद-दिमागों,
दावा करो होश की,
क्या सब के सर एक ही आसमान नहीं देखे..!!
न पकाओ नफरत की आग पे स्वार्थ की रोटी,इंसानियत रहने दो,
इस आग में जलते हुए मकान नहीं देखे..!!

‘‘हाथ से सिगरेट छूट गई......’’

‘‘हाथ से सिगरेट छूट गई......’’
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‘‘अठारह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तम्बाकू या तम्बाकू से बने पदार्थ बेचना दंडनीय अपराध है।’’शहर में पान की दुकानों पर यह तख़्ती लगी थी। स्कूल के छोकरे सिगरेट पीना चाह रहे थे।
‘‘ओए, जा ले आ सिगरेट।’’
‘‘मैं नहीं जाता। पान वाला नहीं देगा।’’
‘‘अबे, कह देना, पापा ने मँगाई है।’’
‘‘स्कूल में.....?’’
‘‘चलो, शाम को नुक्कड़ पर मिलेंगे।’’
‘‘ठीक है।’’
.............
‘‘भइया, एक सिगरेट का पैकेट देना। हाँ, गुटखा भी।’’
‘‘बच्चे, तुम तो बहुत छोटे हो। तुम्हें नहीं मिल सकता।’’
‘‘अंकल, मेरे पापा ने मंगवाई है। ये लो पैसे।’’
‘‘ओह! तुम तो शुक्ला साब के बेटे हो।’’
पान वाले ने सहर्ष उसे सामान दे दिया।
कुछ दिन बाद....।
‘‘राम–राम शुक्ला जी।’’
‘‘लीजिए साब। आजकल बेटे से बहुत सिगरेट मँगाने लगे हो। हर रोज शाम को आ जाता है।’’
सुनकर शुक्ला साब के हाथ से सिगरेट छूट गई......।