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Today’s Generation…..

Fans of movies are every where,
we can see them here and there..
they know all the heroes,
in the studies, they may be zero..
for the movies, they are mad,
when they have to study they became sad..
Teacher says,”Writer of the poem is Mr. John.” ,
Student says,”Leave it, see filme ‘Hum aapke hai kaun’”..
Teacher says,”Why are you coming on later”,
Student says,”Sir ‘RAJA’ film is going on in the theatre”..

They know about each and every dialogue and scene,
in the studies, their minds are clean..
In doing the homework, they are very slow,
for seeing movies, they shine with glow..
so future generation will be full of actors,
Films will be made on each and every chapter..

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हे मनु के वंशज, तुम कब सुधरोगे?

जो छुपा ले गरीब के गम को,
हमने तो वो इंसान नहीं देखे..!!
कैसे जाती है बात घर से बाहर,
हमने तो दीवार के कान नहीं देखे..!!
मिटा दे जो सदियों की दुश्मनी दिलो से,
हमने तो वो गीता वो कुरान नहीं देखे..!!
अरे अभी भी संभल जाओ बद-दिमागों,
दावा करो होश की,
क्या सब के सर एक ही आसमान नहीं देखे..!!
न पकाओ नफरत की आग पे स्वार्थ की रोटी,इंसानियत रहने दो,
इस आग में जलते हुए मकान नहीं देखे..!!

‘‘हाथ से सिगरेट छूट गई......’’

‘‘हाथ से सिगरेट छूट गई......’’
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‘‘अठारह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तम्बाकू या तम्बाकू से बने पदार्थ बेचना दंडनीय अपराध है।’’शहर में पान की दुकानों पर यह तख़्ती लगी थी। स्कूल के छोकरे सिगरेट पीना चाह रहे थे।
‘‘ओए, जा ले आ सिगरेट।’’
‘‘मैं नहीं जाता। पान वाला नहीं देगा।’’
‘‘अबे, कह देना, पापा ने मँगाई है।’’
‘‘स्कूल में.....?’’
‘‘चलो, शाम को नुक्कड़ पर मिलेंगे।’’
‘‘ठीक है।’’
.............
‘‘भइया, एक सिगरेट का पैकेट देना। हाँ, गुटखा भी।’’
‘‘बच्चे, तुम तो बहुत छोटे हो। तुम्हें नहीं मिल सकता।’’
‘‘अंकल, मेरे पापा ने मंगवाई है। ये लो पैसे।’’
‘‘ओह! तुम तो शुक्ला साब के बेटे हो।’’
पान वाले ने सहर्ष उसे सामान दे दिया।
कुछ दिन बाद....।
‘‘राम–राम शुक्ला जी।’’
‘‘लीजिए साब। आजकल बेटे से बहुत सिगरेट मँगाने लगे हो। हर रोज शाम को आ जाता है।’’
सुनकर शुक्ला साब के हाथ से सिगरेट छूट गई......।

23 July....उस मृतात्मा की राख में भी इतनी शक्ति है की आज भी वो अलख जगा सकती है !

Chandra Shekhar Aazad-
Was born on 23 July 1906 to Pandit Sita Ram Tiwari and Jagrani Devi. He received his early schooling in Bhavra. For higher studies he went to the Sanskrit Pathashala at Varanasi...

Bal Gangadhar Tilak-
Was Born on July 23, 1856 And Died on August 1, 1920
...He Considered as Father of Indian National Movement; Founded “Deccan Education Society” to impart quality education to India's youth; was a member of the Municipal Council of Pune, Bombay Legislature, and an elected 'Fellow' of the Bombay University; formed Home Rule League in 1916 to attain the goal of Swaraj...

"'Bhrasht Netaon Ki Bhrashtataa ka hum samna karenge,,,
#Aazad hee rahein hain,, Aazad hee Rahenge '" #JaiHind